माता महासरस्वती के विभिन्न मंत्र!! ( साबरमंत्र, तांत्रिकमंत्र और शास्त्रोक्त मंत्र)👉सरस्वती शाबरमंत्र1.ॐ नमो आदेश गुरु को आदेश सरस्वती माई। ब्रम्हा संग कंंठ समाई।करें वाणी ह्रदय पर राज। वाणी मोरी सत्य होय।विध्या बसै मुख राज पर राज करूं।पल पल आठ पहर। शब्द वाणी गुरु की। सत्य कृपा तोरी होय। मोरी रक्षा करे। दुहाई दुहाई माई। शब्द सांचा पिन्ड कान्चा फूरो मंत्र ईश्वरी वाचा विधि—- किसी बुधवार या शुक्रवार से 21 दिन तक 2 माला जाप करें या 41दिन तक 1 माला करें तो मंत्र सिद्ध होता है,यह सर्व सिद्धि प्रदायक और ज्ञान विद्याप्राप्ति का अद्भुत चमत्कारी मंत्र है।””’—————————————————-2…ॐ गुरु जी, सरस्वती माई, स्वर्ग लोक बैकुंठ से आई।शिवजी बैठे अंगूठे मरोड़, देवी देवता आएं तैंतीस करोड़।साधु सन्तों की जो रक्षा करें, दानव दैत्यों का भक्षण करेशिव शक्ति बिन कोण थी।जिव्हा ज्वाला माई बसै, सरस्वती माई बसै हमेशा।भूली वाणी कंठ कराओ. गौरी नंदन गणेश महादेव पुत्र गणेश आया। ऋद्धि सिद्धि बुद्धि लायाअन्न धन से भरे भन्डार देही कुंची हिंगलाज की,ज्ञान कुंची नवग्रहों की, कंठ कुंची गुरु गोरखनाथ की,लागी कुन्ची खुले कपाट।अब देखो ब्रहमान्ड का पाटअक्षय घर का भरे भन्डार।अनन्त कोटि सिद्धों ने, लौंग सुपारी पान श्रीफल का होवेप्रवान। आगच्छ आगच्छ गौरा पार्वती पुत्र गणेश।ॐ सरस्वती विदमहे ब्रहमप्रियायै धीमहि तन्नो आद विध्याय प्रचोदयात्।शून्य की गादी बैठ राजा भर्तृहरि नाथ ने आपो आप सुनाया। श्री नाथ जी गुरु जी को आदेस।।विधि –होली या दीपावली की रात्रि में 108 बार जाप करें और गुड़ और घी मिलाकर हवन करेंकम से कम 51 बार तो फिर मंत्र सिद्ध होता हैं। फिर नित्य 11 बार पढ़े,यह स्वयं सिद्ध प्रयोग हैइससे माता सरस्वती की कृपा प्राप्त होती हैस्मरण शक्ति बढ़ती है। किसी भी परीक्षा आदि की तैयारी में इससे बहुत लाभ होता है।—–+–+—————————————-3….ॐ गुरु जी ,वीणा की देवी सरस्वती, जिव्हा बैठो अनूकूल। उसकी विध्या हर लो जो हो मेरे प्रतिकूल। मेरी वाणी तेरी वीणा ,हर शब्द में तेरा वासा जिसके सिर रखूं में हाथ,उसको कभी न हो निराशा हर मन्त्र में तेरी शक्ति, तेरे ज्ञान से मिले हैं मुक्ति मेरी जिव्हा विराजो आप, सदा शुभ फरमाओ विध्या ज्ञान के खोलो कपाट , मेरी जड़ता को मिटाओ। ॐ ऐं वद वद वाग्वादिनी तुम आओ ॐ नमो आदेश गुरु को—————————–4..ॐ नमो भगवति सरस्वती वाग्वादिनी ब्रह्माणी ब्रहमरूपिणी ज्ञानेश्वरी महामेधा बुद्धिवर्धिनी मम सर्व विद्याम् देही देही नमः।———————————————————5..ॐ नमो भगवति सरस्वती परमेश्वरी वाग्वादिनी मम विद्याम देही। भगवति हंसवाहिनी। समारू का बुद्धि देही प्राज्ञा देही देही विध्याम देही देही परमेश्वरी सरस्वती स्वाहा।——————————————————–6..ॐ नमो सरस्वती विद्या नमो कंठ विराजो आप भूला अक्षर कंठ करें ह्रदय विराजो आप ॐ नमो स्व: ठ:ठ:ठ:।———————————————————-7…ॐ नमो सरस्वती मैया कंठ विराजो आन पूरन करो मेरा सारा काम———————————–+———————नोट — संख्या 1 से 7 तक के साबर मंत्रो की साधना के लिए होली या दीपावली की रात्रि में 108 जाप हवन से करे । या किसी शुभ मुहूर्त में 21 दिन का अनुष्ठान कर नित्य एक या दो माला जाप करें अंतिम दिन एक माला हवन से करे। नवरात्रि में नौ दिन तक नित्य एक माला जप से भी अनुष्ठान पूर्ण होता है।**************************************8…ऋग्वेदोक्त सरस्वती सूक्त श्लोक —अम्बितमे नदीतमे देवितमे सरस्वति ।अप्रशस्ता इव स्मसि प्रशस्तिमम्ब नस्कृधि ॥ २७॥इस श्लोक के जाप ज्ञान विद्या प्राप्त होती है, स्मृति वृद्धि होती है। निरंतर अभ्यास से दिव्य शक्तियों की प्राप्ति होती है।——————————————————-त्रिपुरा सरस्वती मंत्र9..ॐ ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं सौ: ऐं महात्रिपुरा सरस्वत्यै नमः। ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुरा भारत्यै नमः।———————————————-+-+-सिद्ध सरस्वती मंत्र10..ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं ह्रसौ: महसिद्धसरस्वत्यै नमः11..ॐ ऐं ह्रीं भगवति सिद्धसरस्वती सर्वसिद्धि दायिनी नमः।—————————–+-++++———–चिन्तामणि सरस्वती मंत्र12.. ॐ ऐं ह्रीं श्रीं भगवती चिन्तामणि सरस्वती मम सर्वार्थ सिद्धिम् देहि देहि नमः।———————————————————-सौभाग्य सरस्वती मंत्र13…ॐ ऐं ह्रीं श्रीं सौभाग्य सरस्वती दुर्भाग्यनाशिनी सर्व सुखप्रदायिनी नमः। ——–++——————————————-आदि सरस्वती मंत्र- 14..ॐ ऐं ऐं ऐं आदि सरस्वत्यै ऐं ऐं ऐं नमः।15..ॐ ऐं ह्रीं क्लीं आदि सरस्वत्यै नमः।16..ॐ ब्रहमविद्यायै विदमहे पराविद्यायै धीमहि तन्नो आद्यसरस्वती प्रचोदयात्।————————————————-महानीला सरस्वती मंत्र- 17….ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं सौ: क्लीं ह्रीं ऐं ब्लूं स्त्रीं महानीला सरस्वती द्रां द्रीं क्लीं ब्लूं स:। ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं सौ: सौ: ह्रीं स्वाहा।।यह सरस्वती का प्रिय मंत्र है और कहा जाता है कि जो इसे सिद्ध कर लेता है वह किसी भी विषय पर धाराप्रवाह बोल सकता हैऔर किसी भी विषय पर शास्त्रार्थ में पूर्ण सफलता प्राप्त कर सकता है।यह मंत्र सवा लाख जाप से सिद्ध होता है।बालक जन्म ले तब स्नान कराकर दूर्वा से उसकी जीभ पर लिखने से वह विद्या और ज्ञान बुद्धि में प्रवीण होता है।————————————————————लघु नीलसरस्वती मंत्र- 18…ॐ ह्री ऐं हुं नील सरस्वती फट् स्वाहा19…ॐ ब्लूं वें वद वद त्रीं हूं फट्।———————————————————–पारिजातेश्वरि सरस्वती मंत्र- 20…ॐ ऐं ह्रीं श्रीं पारिजातेश्वरी सर्वकार्य साधिनी नमः।–+————————————————– वागीश्वरी सरस्वती मंत्र- 21.. ॐ नमः पदमासने शब्द रूपे ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं वद वद वाग्वादिनी स्वाहा।22..ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्वादिनी सरस्वती देवी मम जिव्हायाम् सर्व विद्याम देही दापय नमः।23..ॐ ह्रीं श्रीं ऐं वाग्वादिनी भगवति अर्हनमुख निवासिनी सरस्वती ममास्यै प्रकाशंं कुरु कुरु स्वाहा ऐं नमः।24. ॐ ह्री श्रीं ऐं वद वद वाग्वादिनी सरस्वती तुष्टि पुष्टि तुभ्यं नमः।———————————————————–चित्रेश्वरी सरस्वती मंत्र25…ॐ ऐं ह्रीं चित्रघंटायै नमः।26…ॐ क्लीं वद वद चित्रेश्वरी ऐं नमः। इस स्वरूप की साधना से भविष्य ज्ञान होता है——————————————————-27…..कुलजा सरस्वती मंत्र- ॐ सें कुलजे ऐं सरस्वत्यै नमः।——————————————————-28….कीर्तिश्वरी सरस्वती मंत्र- ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वद वद कीर्तिश्वरी स्वाहा।—————–++—————————–अंतरिक्ष सरस्वती मंत्र- 29…ॐ ऐं ह्रीं अंतरिक्ष सरस्वत्यै नमः।30.. ॐ ऐं ह्रीं श्रीं अंतरिक्ष सरस्वती परमरक्षिणी ममसर्व विघ्नबाधा निवारय निवारय नमः।——————————————————–++ ..घट सरस्वती मंत्र31..ॐ ह्रसफ्रैं ह्रसौ: ष्फीं ऐं ह्रीं श्रीं द्रां ह्रीं क्लीं ब्लूं स: घटसरस्वति घटे वद वद तर तर रूद्राज्ञयां ममाभिलाषम् कुरु कुरु स्वाहा।यह तांत्रिक स्वरुप का मंत्र है। शत्रु विजय औरसर्व कार्य सिद्धि प्रद है।—-
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