Sale!
,

कर्ण पिशाचिनी साधना Karna Pishachini Sadhana Mahavidya Shakti Diksha

Original price was: ₹5,100.00.Current price is: ₹5,000.00.

Karan Pishachini Sadhana Guide

कर्ण पिशाचिनी साधना एक अत्यंत गोपनीय और उग्र तांत्रिक साधना है。इसका उद्देश्य एक सूक्ष्म योन‍ि—पिशाचिनी—को सिद्ध करना है, जिसके बाद वह साधक के कान में 24 घंटे रहकर भूत, भविष्य और वर्तमान के गुप्त रहस्य बताती है。यह साधना अत्यंत जोखिम भरी होती है, अतः इसे केवल योग्य गुरु के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में ही किया जाता है。 
साधना से जुड़ी मुख्य जानकारी:
    • साधना अवधि: यह अनुष्ठान आमतौर पर 11 दिनों या 21 दिनों तक चलता है。 
    • मंत्र का स्वरूप: आमतौर पर सिद्ध किए जाने वाले मंत्रों में एक बीज मंत्र और पिशाचिनी के नाम का प्रयोग होता है, उदाहरण के लिए: ॐ नमः कर्ण पिशाचिनी अमाघ सत्यवादिनि मम कर्णे अवतरावतर अतीतनागतवर्तमानानि दर्शय दर्शय मम भविष्य कथय ह्रीं कर्णपिशाचिनी स्वाहा!! [1]
    • सावधानी: इसे बिना दीक्षा और गुरु के करने से मानसिक असंतुलन या अन्य गंभीर परिणाम हो सकते हैं。 

साधना के नियम:

  1. ब्रह्मचर्य: साधना काल में पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन अनिवार्य है。 [1]
  2. स्थान: इसे आमतौर पर रात के समय या एकांत स्थान (जैसे श्मशान या गुप्त कक्ष) में किया जाता है。 [1]
  3. विधि: पीतल की थाली में सिंदूर से त्रिशूल बनाकर पूजा की जाती है और सरसों के तेल या गाय के घी का दीपक जलाया जाता है

कर्ण पिशाचिनी साधना : Karan Pishachini Sadhana Guide
इस मंत्र को गुप्त त्रिकालदर्शी मंत्र भी कहा जाता है। इस मंत्र के साधक को किसी भी व्यक्ति को देखते ही उसके जीवन की सूक्ष्म से सूक्ष्म घटना का ज्ञान हो जाता है। उसके विषय में विचार करते ही उसकी समस्त गतिविधियों एवं क्रिया कलापों का ज्ञान हो जाता है।
कर्ण-पिशाचिनी-साधना वैदिक विधि से भी सम्पन्न की जाती है और तांत्रिक विधि से भी अनुष्ठानित की जाती है। यंहा वैदिक विधि द्वारा सम्पन्न की जाने साधना का वर्णन किया जा रहा है।

IMG 20251210 WA0036 

Don't forget to subscribe! Youtube Post Call Now +91 9560160184


मंत्रः- ॐ लिंग सर्वनाम शक्ति भगवती कर्ण-पिशाचनी चण्ड रूपी सच-सच मम वचन दे स्वाहा।
विधिः- किसी भी नवरात्र में भूत-शुद्धि, स्थान-शुद्धि, गुरू स्मरण, गणेश पूजन, नवग्रह पूजन से पूर्व एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं। उस पर तांबे का एक लोटा या कलश स्थापना करें। कलश पर पानी वाला नारियल रखें। कलश के चारों ओर पान, सुपारी, सिंदूर व २ लड्डू रखें। कलश-पूजन करके साष्टांग प्रणाम करें।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe! Youtube Post Call 919560160184

 

विधिः– किसी भी नवरात्र में भूत-शुद्धि, स्थान-शुद्धि, गुरू स्मरण, गणेश पूजन, नवग्रह पूजन से पूर्व एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं। उस पर तांबे का एक लोटा या कलश स्थापना करें। कलश पर पानी वाला नारियल रखें। कलश के चारों ओर पान, सुपारी, सिंदूर व २ लड्डू रखें। कलश-पूजन करके साष्टांग प्रणाम करें।
इसके बाद कंधे पर लाल कपड़ा रखकर उपरोक्त मंत्र का जप करें। जप पूर्ण होने पर पहले सामग्री से, फिर खीर से और अन्त में त्रिमधु से होम करें। इसके उपरान्त क्षमा-याचना कर साक्षात देवी रूपी कलश को भूमि पर लेटकर दण्डवत प्रणाम करें। अनुष्ठान के दिनों में ब्रह्मचर्य का पालन एवं एकान्तवास करें। सदाचरण करते हुए सभी नियमों का पालन करें। झूठ, फरेब, अत्याचार, बेइमानी से दूर रहें।
समयः- नवरात्र । यदि ग्रहण काल में आरम्भ करें तो स्पर्श काल से १५ मिनट पूर्व आरम्भ करके मोक्ष के १५ मिनट बाद तक करें। ग्रहण-काल में नदी के किनारे अथवा श्मशान में जप करें। आवश्यक समस्त सामग्री अपने साथ रखें।

सामग्रीः पान, सुपारी, लौंग, सिंदूर, नारियल, अगर-ज्योत, लाल वस्त्र, जल का लोटा, लाल चन्दन की माला, जप करने के लिए, और दो लड्डू ।
जप-संख्याः एक लाख ।
हवन– सामग्रीः- सफेद चंदन का चूरा, लाल चन्दन का चूरा, लोबान, गुग्गल, प्रत्येक ३०० ग्राम, कपूर लगभग १०० ग्राम, लौंग १० ग्राम, अगर ५० ग्राम, तगर ५० ग्राम, केशर २.५ ग्राम, कस्तूरी १ ग्राम, बादाम गिरी ५०ग्राम, काजू ५० ग्राम, अखरोट गिरी ५० ग्राम, गोला ५०ग्राम, छुआरे ५० ग्राम, मिश्री का कूजा-१। इन सभी को बारीक करके मिला लें। इसमें घी भी मिलाएं। फिर खीर बनाएं। चावल कम दूध ज्यादा रखें। खीर में पांच मेवे डालें। देशी घी, शहद, व चीनी भी डालें।
विशेषः- जप करने के उपरान्त १०,००० मंत्रों से हवन करें। हवन के दशांश का तर्पण, उसके दशांश यानि एक माला से मार्जन और उसके बाद १० कन्याओं एवं एक बटुक को भोजन कराकर गुरूदेव से आशीर्वाद प्राप्त करें ।
नोटः- उपरोक्त साधना के लिए गुरू-दीक्षा आवश्यक है, अन्यथा प्रयास असफल रहता है।

View Services Book Appointment Location / Directions General Enquiry Diksha Enquiry
Call
Scroll to Top